बीमारी का बगैर दवाई भी इलाज़ है,मगर मौत का कोई इलाज़ नहीं दुनियावी हिसाब किताब है कोई दावा ए खुदाई नहीं लाल किताब है ज्योतिष निराली जो किस्मत सोई को जगा देती है फरमान दे के पक्का आखरी दो लफ्ज़ में जेहमत हटा देती है

Monday, 19 July 2021

20/07/2021 आज का श्री बालाजी पंचांग व गृह क्लेश दूर करने के लिए नमक का विशेष उपाय

अंतर्गत लेख:





सुप्रभात

आपका आज का दिन शुभ व मंगल कारी हो 

नित्य जप करें 

कल्याण मंत्र

ऊं नम शिवाय शिव जी सदा सहाय

ऊं नम शिवाय गुरु जी सदा सहाय

ऊं नम शिवाय श्री बालाजी सदा सहाय

कारोना नियम का पालन करें व औरों बताये स्वयं की दुसरो जान की रक्षा करें  सम्भव हो परेशान व जरुरतमंदों की सहायता करें  

मास्क से मुंह नाक को ढक ही बाहर निकले

श्री बालाजी पंचांग 

⛅ दिनांक 20 जुलाई 2021

⛅ दिन - मंगलवार

⛅ विक्रम संवत - 2078 


⛅ शक संवत - 1943

⛅ अयन - दक्षिणायन

⛅ ऋतु - वर्षा 

⛅ मास - आषाढ़

⛅ पक्ष - शुक्ल 

⛅ तिथि - एकादशी शाम 07:17 तक तत्पश्चात द्वादशी

⛅ नक्षत्र - अनुराधा रात्रि 08:33 तक तत्पश्चात ज्येष्ठा

⛅ योग - शुक्ल शाम 07:35 तक तत्पश्चात ब्रह्म

⛅ राहुकाल - शाम 04:04 से शाम 05:43 तक 

⛅ सूर्योदय - 06:08 

⛅ सूर्यास्त - 19:21 

⛅ दिशाशूल - उत्तर दिशा में

⛅ व्रत पर्व विवरण - देवशयनी एकादशी, चातुर्मास व्रतारम्भ, पंढरपुर यात्रा

 💥 विशेष - हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है l   राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।

💥 आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l

💥 एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।

💥 एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।

💥 जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।

🌞 ~ श्री बालाजी पंचांग 

🌷 चतुर्मास एवं पुरुष सूक्त 🌷


➡ आषाढ़ शुक्ल एकादशी (20 जुलाई, मंगलवार) से कार्तिक शुक्ल एकादशी (15 नवम्बर, सोमवार) तक चातुर्मास है ।


🙏🏻 चतुर्मास में भगवान श्रीविष्णु के योगनिद्रा में शयन करने पर जिस किसी नियम का पालन किया जाता है, वह अनंत फल देनेवाला होता है – ऐसा ब्रह्माजी का कथन है |

जो मानव भगवान वासुदेव के उद्देश्य से केवल शाकाहार करके चतुर्मास व्यतीत करता है वह धनी होता है | जो प्रतिदिन नक्षत्रों का दर्शन करके केवल एक बार ही भोजन करता हैं वह धनवान, रूपवान और माननीय होता है | जो मानव ब्रह्मचर्य – पालनपूर्वक चौमासा व्यतीत करता हैं वह श्रेष्ठ विमान पर बैठकर स्वेच्छा से स्वर्गलोक जाता है |जो चौमासेभर नमक को छोड़ देता है उसके सभी पुर्तकर्म ( परोपकार एवं धर्मसम्बन्धी कार्य ) सफल होते है | जिसने कुछ उपयोगी वस्तुओं को चौमासेभर त्यागने का नियम लिया हो, उसे वे वस्तुएँ ब्राह्मण को दान करनी चाहिए | ऐसा करने से वह त्याग सफल होता है | जो मनुष्य नियम, व्रत अथवा जप के बिना चौमासा बिताता है वह मुर्ख है |

🙏  जो चतुर्मास में भगवान विष्णु के आगे खड़ा होकर ‘पुरुष सूक्त’ का जप करता है, उसकी बुद्धि बढती है | -(स्कंदपुराण, नागर खंड, उत्तरार्ध )

🙏🏻 बुद्धि बढाने के इच्छुक पाठक और ‘बाल संस्कार केंद्र’ के बच्चे ‘पुरुष सूक्त’ से फायदा उठायें | आनेवाले दिनों में ‘बाल संस्कार केंद्र’ के बुद्धिमान बच्चे ही देश के कर्णधार होंगे |

🌷 पुरुष सूक्त 🌷

🙏🏻 (ऋग्वेद : १०-९०, यजुर्वेद : अध्याय – ३१ )

🌷 ॐ सहस्रशीर्षा पुरुष: सहस्त्राक्ष: सहस्त्रपात् |

स भूमिं विश्वतो वृत्वात्यतिष्ठद्दशांगुलम् || १||

🙏🏻 ‘आदिपुरुष असंख्य सिर, असंख्य नेत्र और असंख्य पाद से युक्त था | वह पृथ्वी को सब ओर से घेरकर भी दस अंगुल अधिक ही था |’

🌷 पुरुष एवेदं सर्वं यदभूतं यच्च भाव्यम् |

उतामृतत्वस्येशानो यदन्नेनातिरोहति || २ ||

🙏🏻 ‘यह जो वर्तमान जगत है, वह सब पुरुष ही है | जो पहले था और आगे होगा, वह भी पुरुष ही है, क्योंकि वह अमृतत्व का, देवत्व का स्वामी है | वह प्राणियों के कर्मानुसार भोग देने के लिए अपनी कारणावस्था का अतिक्रम करके दृश्यमान जगतअवस्था को स्वीकार करता है, इसलिए यह जगत उसका वास्तविक स्वरूप नहीं है |’

🌷 एतावानस्य महिमातो ज्यायाँश्च पुरुष : |

पादोऽस्य विश्वा भूतानि त्रिपाद्स्यामृतं दिवि || ३ ||

🙏🏻 ‘अतीत, अनागत एवं वर्तमान रूप जितना जगत है उतना सब इस पुरुष की महिमा अर्थात एक प्रकार का विशेष सामर्थ्य है, वैभव है, वास्तवस्वरूप नहीं | वास्तव पुरुष तो इस महिमा से भी बहुत बड़ा है | सम्पूर्ण त्रिकालवर्ती भूत इसके चतुर्थ पाद में हैं | इसके अवशिष्ट सच्चिदानन्दस्वरुप तीन पाद अमृतस्वरूप हैं और अपने स्वयंप्रकाश द्योतनात्मक रूप में निवास करते हैं |’

🌷 त्रिपादूर्ध्व उदैत्पुरुष: पादोऽस्येहाभवत् पुन: |

ततो विष्वं व्यक्रामत्साशनानशने अभि ||४ ||

पाद पुरुष संसाररहित ब्रह्मस्वरूप है | वह अज्ञानकार्य संसार से विलक्षण और इसके गुण-दोषों से अस्पृष्ट है | इसका जो किंचित मात्र अंश माया में हैं वही पुन: -पुन: सृष्टि – संहार के रूप में आता – जाता रहता है | यह मायिक अंश ही देवता, मनुष्य, पशु, पक्षी आदि विविध रूपों में व्याप्त है | वही सभोजन प्राणी है और निर्भोजन जड़ है | सारी विविधता इस चतुर्थाश की ही है |’

🌷 तस्माद्विराळजायत विराजो अधि पुरुष: |

स जातो अत्यरिच्यत पश्चादभूमिमथो पुर: ||५ ||

🙏🏻 ‘उस आदिपुरुष से विराट ब्रह्माण्ड देह की उत्पत्ति हुई | विराट देह को ही अधिकरण बनाकर उसका अभिमानी एक और पुरुष प्रकट हुआ | वह पुरुष प्रकट होकर विराट से पृथक देवता, मनुष्य, पशु, पक्षी आदि के रूप में हो गया | उसके बाद पृथ्वी की सृष्टि हुई और जीवों के निवास योग्य सप्त धातुओं के शरीर बने |’

🌷 ॐ यत्पुरुषेण हविषा देवा यज्ञमतन्वत |

वसन्तो अस्यासीदाज्यं ग्रीष्म इध्म: शरद्धवि: ||६ ||

🙏🏻 ‘देवताओं ने उसी उत्पन्न द्वितीय पुरुष को हविष्य मानकर उसी के द्वारा मानस यज्ञ का अनुष्ठान किया | इस यज्ञ में वसंत ऋतू आज्य (घृत) के रूप में, ग्रीष्म ऋतू ईंधन के रूप में और शरद ऋतू हविष्य के रूप में संकल्पित की गयी |’

तं यज्ञं बर्हिषि प्रौक्षण पुरुषं जातमग्रत: |

तेन देवा अजयन्त साध्या ऋषयश्च ये || ७ ||

🙏🏻 ‘वही द्वितीय पुरुष यज्ञ का साधन हुआ | मानस यज्ञ में उसीको पशु-भावना से युप (यज्ञ का खंभा) में बाँधकर प्रोक्षण किया गया, क्योंकि सारी सृष्टि के पूर्व वही पुरुषरूप से उत्पन्न हुआ था | इसी पुरुष के द्वारा देवताओं ने मानस याग किया | वे देवता कौन थे ? वे थे सृष्टि – साधन योग्य प्रजापति आदि साध्य देवता एवं तदनुकूल मंत्रद्रष्टा ऋषि | अभिप्राय यह है कि उसी पुरुष से सभीने यज्ञ किया |’

🌷 तस्माद्यज्ञात सर्वंहुत: संभृतं पृषदाज्यम् |

पशून ताँश्चक्रे वायव्यानारण्यान् ग्राम्याश्च ये || ८ ||

🙏🏻 ‘इस यज्ञ में सर्वात्मक पुरुष का हवन किया जाता है | इसी मानस यज्ञ से दधिमिश्रित आज्य-सम्पादन किया गया अर्थात सभी भोग्य पदार्थों का निर्माण हुआ | इसी यज्ञ से वायुदेवताक आरण्य (जंगली) पशुओं का निर्माण हुआ | जो ग्राम्य पशु हैं, उनका भी |’

🌷 तस्माद्यज्ञात सर्वहुत ऋच: सामानि जज्ञिरे |

छन्दांसि जज्ञिरे तस्माद्यजुस्तस्मादजायत || ९ ||

🙏🏻 ‘पूर्वोक्त सर्वहवनात्मक यज्ञ से ऋचाएँ और साम उत्पन्न हुए | उस यज्ञ से ही गायत्री आदि छन्दों का जन्म हुआ | उसी यज्ञ से यजुष (यजुर्वेद) की भी उत्पत्ति हुई |’

 तस्मादश्वा अजायन्त ये के चोभयादत: |

गावो ह जज्ञिरे तस्मात तस्माज्जाता अजावय: ||१० ||

🙏🏻 ‘उस पूर्वोक्त यज्ञ से यज्ञोपयोगी अश्वों का जन्म हुआ | जीके दोनों ओर दाँत होते हैं, उनका भी जन्म हुआ | उसीसे गायों का भी जन्म हुआ और उसीसे बकरी – भेड़ें भी पैदा हुई |’

🌷 ॐ यत्पुरुषं व्यदधु: कतिधा व्यकल्पयन् |

मुखं किमस्य कौ बाहू का ऊरू पादा उच्येते ||११ ||

🙏🏻 ‘जब द्वितीय पुरुष ब्रह्मा की ही यज्ञ – पशु के रूप में कल्पना की गयी, तब उसमें किस – किस रूप से, किस – किस स्थान से, किस – किस प्रकार विशेष से उसके अंग- उपांगों की भावना की गयी ? उसका मुख क्या बना ? उसके बाहू क्या बने ? तथा उसके ऊरू (जंघा) और पाद क्या कहे गये ?’

🌷 ब्राह्मणोंऽस्य मुखमासीद् बाहू राजन्य: कृत: |

ऊरू तदस्य यद्वैश्य: पदभ्यां शूद्रों अजायत || १२ ||

🙏🏻 ‘इस पुरुष का मुख ही ब्राह्मण के रूप में कल्पित हैं | बाहू राजन्य माना गया हैं | ऊरू वैश्य है और चरण शुद्र हैं 

 चन्द्रमा मनसो जातश्चक्षो: सूर्यो अजायत |

मुखादिन्द्रश्चाग्निश्च प्राणादवायुरजायत || १३ ||

🙏🏻 ‘मन से चन्द्रमा, चक्षु से सूर्य, मुख से इंद्र तथा अग्नि और प्राण से वायु की कल्पना की गयी |’

🌷 नाभ्या आसीदन्तरिक्षं शीष्णॉ द्यौ: समवर्तत |

पदभ्यां भूमिर्दिश: श्रोत्रात्तथा लोकों अकल्पयन || १४ ||

🙏🏻 ‘नाभि से अंतरिक्ष लोक, सिर से द्युलोक, चरणों से भूमि और श्रोत्र से दिशाएँ – इस प्रकार लोकों की कल्पना की गयी |’

🌷 सप्तास्यासन् परिधयस्त्रि: सप्त समिध: कृता: |

देवा यद्यज्ञं तन्वाना अबध्नन् पुरुषं पशुम् || १५ ||

🙏🏻 ‘जब देवताओं ने अपने मानस यज्ञ का विस्तार करते हुए वैराज पुरुष (परमात्मा) को पशु के रूप में कल्पित किया, तब इस यज्ञ की सात परिधियाँ हुई और इक्कीस समिधाएँ |’

🌷 यज्ञेन यज्ञमयजन्त देवास्तानि धर्माणि प्रथमान्यासन् |

ते ह नाकं महिमान: सचन्त यत्र पूर्व साध्या: सन्ति देवा: ||१६||

🙏🏻 ‘प्रजापति के प्राणरूप विद्वान देवताओं ने अपने मानस संकल्परूप यज्ञ के द्वारा यज्ञस्वरूप पुरुषोत्तम का यजन (आराधन, याग) किया | वही धर्म है सर्वश्रेष्ठ एवं सनातन, क्योंकि सम्पूर्ण विकारों को धारण करता हैं | वे धर्मात्मा भगवान के माहात्म्य, वैभव आदि से सम्पन्न होकर परमानंद-लोक में समा गये | वहीँ प्राचीन उपासक देवता विराजमान रहते हैं |’

आज का राशिफल- जानिए कैसा होगा आपका आज का दिन, क्या कहती है आपकी राशियाँ और किस राशि की चमकेगी आज किस्मत।।

मेष दैनिक राशिफल (Aries Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए उत्तम रूप से फलदायक रहेगा। आज आपको अपने स्वभाव में नरमी बरतनी होगी, तभी सफलता मिल पाएगी, नहीं तो आप अपने बनते हुए कामों को अपने स्वभाव के कारण बिगाड़ सकते हैं। आज का दिन आपके लिए बिजनेस के मामले में उत्तम लाभ देने वाला रहेगा। संतान की ओर से आपको आज कोई हर्षवर्धन समाचार सुनने को मिल सकता है, जिसके कारण मन मे प्रसन्नता रहेगी। आज कुछ व्यवसाय की यात्रा भी करनी पड़ सकती है, जिसके कारण आप अपने परिवार के सदस्यों के लिए समय नहीं निकाल पाएंगे।

वृष दैनिक राशिफल (Taurus Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए आनंदमय रहेगा। विद्यार्थियों को आज बौद्धिक मानसिक भार से छुटकारा मिलता दिख रहा है, जिसके कारण आप अपने आपको स्वतंत्र महसूस करेंगे। परिजन आज आपसे कुछ दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति की डिमांड कर सकते है, जिसको आप खुश होकर पूरा करेंगे। व्यापार में आज आपको कहीं से रुका हुआ धन प्राप्त हो सकता है, जो आपको आर्थिक मजबूती देगा। सायंकाल के समय आज आपके जीवन साथी व संतान के साथ कहीं घूमने फिरने के योग बनते दिख रहे हैं। कार्य क्षेत्र में आज आपको धन को लेकर अपने किसी सहयोगी से कोई विवाद विवाद नहीं करना है

मिथुन दैनिक राशिफल (Gemini Daily Horoscope) 

आज का दिन आपके लिए कुछ आलस्य भरा रह सकता है। आज आपको अपने आलस्य को छोड़ना होगा, तभी आपके रुके हुए काम बन सकते हैं। व्यापार के कुछ कार्य में भी आज आप कुछ आलस्य दिखाएंगे, जिसके कारण आप कुछ लाभदायक डील आगे के लिए टाल सकते हैं। कार्य व्यवसाय को लेकर आज आपको मानसिक चिंता रह सकती है, लेकिन परेशान बिल्कुल ना हो क्योंकि व्यवसाय में धन लाभ की स्थिति बनती दिख रही है। आज आपके आलस्य व लापरवाही के कारण आसपास के लोगों को असुविधा हो सकती है। आज आपका अपने परिवार के किसी सदस्य से कोई वाद विवाद हो सकता है।

कर्क दैनिक राशिफल (Cancer Daily Horoscope) 

आज का दिन आपके लिए सफलता प्राप्ति का दिन रहेगा। आज आप जिस भी कार्य को करेंगे, वह सरलता से पूरा होगा और आपको लाभ देगा। संतान के किसी गलत कार्य से आज आपको कुछ लाभ मिल सकता है। नौकरी वाले जातकों को अधिकारियों की डांट खानी पड़ सकती है, इसलिए यदि आज कोई कार्य करने को मिले, तो उसे ध्यान देकर पूरा करें। यदि आज आप किसी जमीन व जायदाद से खरीदारी करने जा रहे हैं, तो उसके वैज्ञानिक पहलुओं को बहुत ही  स्वाधीनता से जांच लें, नहीं तो भविष्य में आपको किसी बड़े कष्ट का सामना करना पड़ सकता है।

सिंह दैनिक राशिफल (Leo Daily Horoscope) 

आज का दिन आपको आपके पिछले कुछ दिनों से चल रही दुविधा को समाप्त करेगा। कार्य व्यवसाय से आज आपको दिन के आरंभ से ही तसल्ली देने वाले समाचार सुनने को मिलेंगे। कार्य व्यवसाय में आज दिन तसल्ली देने वाला रहेगा क्योंकि शुभ समाचार सुनने को मिलते रहेंगे। नौकरी में आज सहकर्मियों के मनमाने व्यवहार के कारण आपको कुछ परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, इसके कारण आपका उनसे वाद विवाद भी हो सकता है। यदि आज कहीं धन का निवेश करने की सोच रहे हैं, तो सोच विचार कर करें। 

कन्या दैनिक राशिफल (Virgo Daily Horoscope)  

आज का दिन आपके लिए अन्य जिलों की तुलना में शांति भरा रहेगा। पुराने मित्रों के मिलने से आज नई आशाओं का संचार होगा व आप अपने मित्रों के साथ किसी पार्टी का भी मन बना सकते हैं। आज आप अपने किसी परिजन की सेहत को लेकर चिंतित हो सकते हैं। सांसारिक सुख भोग के साधनों में आज वृद्धि होगी, जिनसे आपको संतुष्टि मिलेगी। सायंकाल के समय किसी विद्वान प्रशंसक के मिलने से रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, जो लोग रोजगार के लिए भटक रहे हैं, उनको आज कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है। संतान के विवाह के प्रस्ताव को आज आप मंजूरी दे सकते हैं।

तुला दैनिक राशिफल (Libra Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए मिलाजुला रहेगा। आज आपके ऊपर कार्य का भार कुछ अधिक हो सकता है, इसके कारण आपको अपने कुछ कार्यों को आगे समय के लिए टालना होगा, लेकिन ध्यान दें यदि कोई कार्य कानूनी हो, तो उसे बिल्कुल भी ना टालें, नहीं तो उसमें आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। व्यवसाय के लिए यदि आज कोई निर्णय लेना पड़े, तो बहुत ही सोच विचार कर लें, नहीं तो भविष्य में वह आपको मुसीबत में डाल सकता है। आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी। लंबे समय से रुका हुआ धन प्राप्त हो सकता है।

वृश्चिक दैनिक राशिफल (Scorpio Daily Horoscope) 

आज आपके लिए कुछ ऐसी विपरीत परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं, जिनको देखकर आपको हैरानी होगी। आज आपकी कोई बनती हुई डील आपके हाथ से निकल सकती है, इसलिए यदि आपके मन में कोई आइडिया है, तो उसे तुरंत आगे बढ़ाएं और किसी से सांझा ना करें, नहीं तो आपके शत्रु आप को नुकसान पहुंचाने की पूरी कोशिश कर सकते हैं, तो उसे किसी से सोझा ना करें, नहीं तो आपके शत्रु उसका फायदा उठाने की पूरी कोशिश कर सकते हैं। सायंकाल के समय आपके घर किसी अतिथि का आगमन हो सकता है, जिसमें कुछ धन भी व्यय होगा। जीवनसाथी का भरपूर सहयोग व सानिध्य आज आपको प्राप्त होता दिख रहा है। संतान को अच्छे कार्य करते देख आज मन में प्रसन्नता होगी।

धनु दैनिक राशिफल (Sagittarius Daily Horoscope) 

आज का दिन आपके लिए मिश्रित परिणाम लेकर आएगा। आज आपके परिवार के किसी सदस्य अथवा जीवन साथी के स्वास्थ्य में गिरावट देखने को मिल सकती है, जिसके कारण खर्च भी करना पड़ेगा। सायं काल का समय आप किसी धार्मिक व मांगलिक कार्यक्रम में सम्मिलित हो सकते हैं, इसमें आपकी किसी रसूखदार व्यक्ति से मुलाकात होगी, जिसका आपको अपने बिजनेस में लाभ मिलेगा। यदि आज किसी से धन का लेनदेन करने की सोच रहे हैं, तो बिल्कुल ना करें क्योंकि इसमें आपको नुकसान हो सकता है।

मकर दैनिक राशिफल (Capricorn Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए कुछ यादगार पल लेकर आएगा। आज आप किसी ऐसे कार्य को करेंगे, जो आपको हमेशा याद रहेगा। व्यवसायियों को व्यापार से धन की आमदनी रुक-रुक कर होती दिख रही है, जिसके कारण वह थोड़ा परेशान रहेंगे। आज आपको कोई उपहार व सम्मान भी मिलता दिख रहा है। बिजनेस में आज आपकी सोची हुई योजनाएं पूर्ण होंगी, जिनसे आपको संतोषजनक लाभ अवश्य होगा। किसी महिला मित्र से आज आपको अचानक धन लाभ मिलता दिख रहा है। सायंकाल के समय आज आप अपने पिताजी से किसी मांगलिक कार्यक्रम पर चर्चा कर सकते हैं।

कुंभ दैनिक राशिफल  (Aquarius Daily Horoscope) 

आज का दिन आपके लिए उत्तम रूप से फलदायक रहेगा। आज आपको अपनी संतान के भविष्य की योजनाओं के लिए पास व दूर की यात्रा करनी पड़ सकती है। इस यात्रा पर जाएं, तो बहुत ही सावधानी से जाएं क्योंकि आपकी किसी प्रिय वस्तु के खोने व चोरी होने का भय बना हुआ है। यदि ऐसा हो, तो सावधान रहें। आज परिजन व मित्र आपकी इच्छा को समझेंगे, लेकिन फिर भी किसी कार्य की पूर्ति में विलंब होने पर वह आप से नाराजगी जता सकते हैं। सायंकाल के समय आज आप अपने जीवनसाथी को कहीं घुमाने फिराने लेकर जा सकते हैं।

मीन दैनिक राशिफल (Pisces Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए मिश्रित फलदायक रहेगा। आज सुबह से ही घर व कार्य क्षेत्र के जरूरी कार्य को लेकर आज भागदौड़ बनी रहेगी, जिसके कारण आपको सायंकाल के समय कुछ थकान का अनुभव करेंगे। किसी मांगलिक व धार्मिक यात्रा पर जाने की योजना बन सकती है। जीवनसाथी का सहयोग व सानिध्य आज आपको भरपूर मात्रा में मिलता दिख रहा है। विद्यार्थियों को यदि किसी कोर्स में दाखिला लेना है, तो उसके लिए दिन अति उत्तम रहेगा। रोजगार की दिशा में प्रयास कर रहे लोगों को आज कुछ नए अवसर प्राप्त होंगे, जिसके कारण वह अपनी आर्थिक स्थिति को संभालने में कामयाब रहेंगे

दिनांक 20 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 2 होगा। आप अत्यधिक भावुक होते हैं। आप स्वभाव से शंकालु भी होते हैं। दूसरों के दु:ख-दर्द से आप परेशान हो जाना आपकी कमजोरी है। ग्यारह की संख्या आपस में मिलकर दो होती है इस तरह आपका मूलांक दो होगा। इस मूलांक को चंद्र ग्रह संचालित करता है। चंद्र ग्रह मन का कारक होता है।

 चंद्र के समान आपके स्वभाव में भी उतार-चढ़ाव पाया जाता है। आप अगर जल्दबाजी को त्याग दें तो आप जीवन में बहुत सफल होते हैं। आप मानसिक रूप से तो स्वस्थ हैं लेकिन शारीरिक रूप से आप कमजोर हैं। चंद्र ग्रह स्त्री ग्रह माना गया है। अत: आप अत्यंत कोमल स्वभाव के हैं। आपमें अभिमान तो जरा भी नहीं होता।

शुभ दिनांक : 2, 11, 20, 29

शुभ अंक : 2, 11, 20, 29, 56, 65, 92

शुभ वर्ष : 2027, 2029, 2036

ईष्टदेव : भगवान शिव, बटुक भैरव

शुभ रंग : सफेद, हल्का नीला, सिल्वर ग्रे

कैसा रहेगा यह वर्ष


लेखन से संबंधित मामलों में सावधानी रखना होगी। बगैर देखे किसी कागजात पर हस्ताक्षर ना करें। किसी नवीन कार्य योजनाओं की शुरुआत करने से पहले बड़ों की सलाह लें। व्यापार-व्यवसाय की स्थिति ठीक-ठीक रहेगी। स्वास्थ्य की दृष्टि से संभल कर चलने का वक्त होगा। पारिवारिक विवाद आपसी मेलजोल से ही सुलझाएं। दखलअंदाजी ठीक नहीं रहेगी।

*अंकों की महिमा

चमत्कारी है 7 का अंक जानकारियां

ज्योतिष के अनुसार प्रत्येक अंक का महत्व है। जैसे 1 अंक सूर्य का, 2 अंक चंद्र का, 3 अंक गुरु का, चार अंक राहु का, 5 अंक बुध का, 6 का शुक्र, 7 का केतु, 8 का शनि और 9 का स्वामी ग्रह मंगल है। मूलांक, भाग्यांक और जन्मांक से अंक ज्योतिषाचार्य लोगों का भविष्य बताते हैं। लेकिन हम यहां अंक ज्योतिष से हटकर कुछ और बताना चाहते हैं।

धर्म में 7 का स्थान :-

•जुडाइज्म में 7 को 'टौराह' का संकेत मानते हैं, जो आध्यात्मिकता और सृजन का एकीकरण है।

•प्रत्येक 7 साल में 7 बार मुबारक दिन (योवेल) आता है।

•डेविड जीस का सातवां बेटा है।

•ब्रेस्लोव परंपरा में 'द 7 कैंडेल्स' की संकल्पना है, जिसमें चेहरे के सात अंग- 2 आंख, 2 नासिकाएं, 2 कान और 1 मुंह को रखा गया है।

•हिंदू धर्म में 7 ऋषियों की परिकल्पना है।

•इस्लाम धर्म में 7 जमीन और 7 आसमान की परिकल्पना है।

•सूर-ए-फातिहा की 7 आयतें हैं।

•कुल 7 स्वर हैं।

2. हिन्दू धर्म में 7 का अंक...

•सप्तऋषि : वशिष्ठ, कश्यप, अत्रि, जमदग्नि, गौतम, विश्वामित्र और भारद्वाज।

•सात छंद : गायत्री, वृहत्ती, उष्ठिक, जगती, त्रिष्टुप, अनुष्टुप और पंक्ति।

•सात योग : ज्ञान, कर्म, भक्ति, ध्यान, राज, हठ, सहज।

•सात भूत : भूत, प्रेत, पिशाच, कूष्मांडा, ब्रह्मराक्षस, वेताल और क्षेत्रपाल।

•सात वायु : प्रवह, आवह, उद्वह, संवह, विवह, परिवह, परावह।

•सात द्वीप : जम्बूद्वीप, पलक्ष द्वीप, कुश द्वीप, शालमाली द्वीप, क्रौंच द्वीप, शंकर द्वीप, पुष्कर द्वीप।

•सात पाताल : अतल, वितल, सुतल, तलातल, महातल, पाताल तथा रसातल।

3 . गणित पर 7 का राज :-

•7 है चौथा प्राइम नंबर।

•7 माना जाता है दूसरा सबसे भाग्यशाली प्राइम नंबर।

•7 है तीसरा ल्यूका प्राइम नंबर।

•7 कैरॉल नंबर होने के साथ-साथ काइनिया नंबर भी है।

 . विज्ञान में 7 का महत्व :-

•7 है नाइट्रोजन का एटॉमिक नंबर।

•पीरियॉडिक टेबल के 7 ग्रुप में मिलती है हैलोजन।

5. खगोलशास्त्र पर भी 7 का वर्चस्व :-

•सोलर सिस्टम के 7 सदस्य- सूर्य, चंद्र, मंगल, शुक्र, बुद्ध, वृहस्पति और शनि ग्रह हैं।

•उरसा मेजर समूह में भी 7 तारे हैं।

•एटलस और प्लेडियास की भी 7 पुत्रियाँ थीं।

6. तकनीकी में 7 का महत्व :-

•रूस से कजाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय डायरेक्ट फोन कॉल सेवा का कोड 7 है।

•अमेरिकन और कैनेडियन फोन नंबरों की संख्या 7 है।

•गुणवत्ता के 7 उपकरण माने जाते हैं।

•ओएसआई मॉडलों के भी 7 स्तर होते हैं।

•किल 7 लॉजिक गेट होते हैं।

7. क्लासिक में 7 का महत्व :-

•रोम की 7 पहाड़ियां हैं।

•प्रगतिशील कला की 7 विधाएं हैं।

•सात आश्चर्य हैं।

•रोमन इतिहास के 7 बादशाह हैं।

8. और भी कितना कुछ है इस 7 के संसार में...

•सात लोक : भूर्लोक, भूवर्लोक, स्वर्लोक, महर्लोक, जनलोक, तपोलोक, सत्यलोक। सत्यलोक को ही ब्रह्मलोक कहते हैं।

•सात समुद्र : क्षीरसागर, दुधीसागर, घृत सागर, पयान, मधु, मदिरा, लहू।

•सात पर्वत : सुमेरु, कैलाश, मलय, हिमालय, उदयाचल, अस्ताचल, सपेल? माना जाता है कि गंधमादन भी है।

•सप्त पुरी : अयोध्या, मथुरा, माया (हरिद्वार), काशी, कांची, अवंतिका (उज्जयिनी) और द्वारका।

           🌞 ~ श्री बालाजी पंचांग 

आज का विशेष उपाय

यदि बच्चों की पढ़ाई में कोई भी दिक्कत आ रही हो तो हल्दी की गांठ को हरे रुमाल में रखकर उसको बच्चे के सिरहाने मैं सिल दे 

हनुमान चालीसा : प्रतिदिन हनुमान मंदिर जाएं और हनुमान चालीसा पढ़ें। हनुमानजी को चोला चढ़ाएं। प्रतिदिन नहीं जा सकते हैं तो प्रति मंगल, गुरु और शनिवार को मंदिर जाएं। एकादशी, प्रदोष या गुरुवार का व्रत रखें। संकट दूर होकर घर में सुख, शांति, समृद्धि और धन की आवक बनी रहती हैं।

आज का वास्तु टिप्स

गृह क्लेश दूर करने के लिए शयनकक्ष के कोने में रखें नमक का टुकड़ा, बनी रहेगी शांति

शयनकक्ष के एक कोने में सेंधा नमक या खड़े नमक का एक टुकड़ा लेकर रख दें और इस टुकड़े को पूरे एक महीने तक उसी कोने में रहने दें। एक महीने के बाद पुराने नमक के टुकड़े को हटाकर नया टुकड़ा रख दें। ऐसा करने से एक तो घर में शांति बनी रहेगी और छोटी-मोटी तकरार कम होगी, वहीं दूसरी तरफ मानसिक अशांति खत्म होगी। साथ ही नकारात्मकता भी दूर होगी। रोगों से मुक्ति दिलाने में नमक कैसे आपके लिये कारगर है, इसके बारे में हम कल बात करेंगे।  

अच्छी आदतें 

सोच सही होनी चाहिए किसी ने कहा है कि गलत खान-पान से ज्यादा महत्वपूर्ण होता है सोच का सकारात्मक होना । अगर वह सकारात्मक हुआ तो सब डर से दूर होकर व्यक्ति दैनिक चिन्तन से मुक्त हों जाएगा। स्वास्थ्य जीवनशैली healthy lifestyle हो तो मन एवम् स्वास्थ्य आपके बस में हो जाएगा। इन स्वास्थ्य जीवन के उपाय को ध्यान में रखकर स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है ।

वाहन के प्रति मोह कम कर उसका प्रयोग कम करने की आदत डालें। जहां तक हो कम दूरी के लिए पैदल यात्रा पर जाएं। इससे मांसपेशियों का व्यायाम होगा, जिससे आप निरोगी रहकर आकर्षक बने रहेंगे, साथ ही पर्यावरण की रक्षा में भी सहायक होंगे।

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